देख़ो भारतवालो देख़ो, फ़िर आज़ तिरंगा छाया है। है पर्व देश का आज यहाँ, ये याद दिलाने आया है। रंग है केसरीया क्रांति का, और सफ़ेद है जो शांति का। हरियाला रंग है हराभरा, पैग़ाम देशकी उन्नति का। अशोकचक्र ने भारत को प्रगति करना जो सिखाया है। देख़ो भारतवालो देख़ो । वो वीर सिपाही [...]
Archive for the ‘देशभक्ति रस’ Category
तिरंगा लहराया है।
Posted in देशभक्ति रस on अगस्त 15, 2008 | 6 Comments »
मेरा वतन याद आया।
Posted in देशभक्ति रस on जून 11, 2008 | 6 Comments »
मेरा वतन याद आया। मेरे ख्वाब में आके किसने जगाया। मुझे आज मेरा वतन याद आया। जो भुले थे वो आज फिर याद आया। मुझे आज म्रेरा वतन याद आया। वो गांवों के खेतों के पीपल के नीचे। वो नदीया किनारे के मंदिर के पीछे। वो खोया हुआ अपनापन याद [...]
सरहद की आवाज़
Posted in देशभक्ति रस on जून 10, 2008 | Leave a Comment »
तैयार सिपाही हो जा सरहद ने दी आवाज़, तैयार सिपाही हो जा। दुश्मन ना आया बाज़ ‘ तैयार सिपाही हो जा। है ऑधी चली उधर से, ये धुंधला हुआ समॉ है। ये फिज़ाओं में डर कैसा? ये सुर्ख़ आसमॉ क्यों है? आफत का है आग़ाज़ !… तैयार सिपाही हो जा। माथे [...]
मेरे वतन
Posted in देशभक्ति रस on मई 15, 2008 | 1 Comment »
मेरे वतन मेरे वतन,मेरे वतन, मेरे वतन हिंदोस्ताँ। अपना गगन, अपना चमन, अपना वतन हिंदोस्तां। गाते रहें ये गीत हम, बढते रहें अपने कदम, सब साथ है तो क्या है गम,जीतेंगे हम,हम में है दम। मेरे वतन……… हिंदू भी हैं, मुस्लिम भी हैं, यहां शिख़ भी ईसाइ भी, एसे रहें हम संग-संग जैसे रहे [...]
