है बड़ा उसमें जो दम। चल पडे उसके कदम। देखो क्या करती कलम। कभी होती है नरम। कभी होती है गरम। देखो क्या करती कलम। छोड देती है शरम। खोल देती है भरम। देखो क्या करती कलम। कभी देती है ज़ख़म। कभी देती है मरहम। देखो क्या करती कलम। कभी लाती है वहम। कभी लाती [...]
Archive for अगस्त, 2009
कलम
Posted in समाज रस on अगस्त 2, 2009 | 16 Comments »
पृष्ठ
अभिलेख
-
Recent Posts
-
Authors
मेरे ब्लोग्स!
-
हाल ही की टिप्पणियाँ
S.M.Masum on वजुद munira on वजुद Janak Manilal Desai on क्यों कैसी रही!!! Janak Manilal Desai on कारवॉ ASIF H. RIZVI on माँ vijay on इरशाद न कर shahroz on कलम AMAR RAJBHAR on मुस्कुराता तू चलाजा sawai singh rajpuroh… on About sawai singh rajpuroh… on About Riyaz Charania on उज़डा शहर Riyaz Charania on क्यों कैसी रही!!! akhtar khan akela on कलम akhtar khan akela on कलम s.m.masum on वजुद -
Top Posts
-
Blog Stats
- 9,486 hits
Meta
Blogroll
-
Top Clicks
- कोई नही
पधारो मारे ब्लोग
