जो चला वक्त उसी वक्त को तूँ याद न कर।
बीती पलकों में यूं ही जिन्दगी बरबाद न कर।
भूल जा भुले हुए रिश्तों को जो छोड़ चले।
उनकी यादों की ज़हन में बडी तादाद न कर।
ना मिलेगा तुज़े ये बात कहेगा सब को।
अपने दर्दों की परायों से तुं फरियाद न कर।
जो नहिं उसके ख़ज़ाने में तुज़े [...]
Archive for September 16th, 2008
इरशाद न कर
Posted in समाज रस, tagged Add new tag, समाज रस, સમાજ on September 16, 2008 | 3 Comments »
