Feeds:
Posts
Comments

Archive for July 31st, 2008

 
 
   
 
   आदमी है, आदमी से मिल मिलाता तू चलाजा।
गीत कोइ प्यार के बस गुनगुनाता तू चलाजा।
 
 
गर तुझे अँधियारा राहों में मिले तो याद रख़,
हर जगह दीपक उजाले के जलाता तू चलाजा।
 
 
जो तुझे चूभ जायें काँटे, राह में हो बेखबर,
अपने हाथों से हटा कर, गुल बिछाता तू चलाजा।
 
 
सामने तेरे ख़डी है जिंदगानी देख ले,
बीती यादों को सदा [...]

Read Full Post »